क्यों आता है तेरा ख्याल, मेरी हर याद में
मुझे मालूम नहीं.....
क्यों आता है तेरा नाम, मेरी हर सांस में
मुझे मालूम नहीं.....
क्यों इतना बेबस हूँ तेरे बिना तन्हाई में
... ... मुझे मालूम नहीं.....
क्यों आता है तूफ़ान सागर की लहरों में
मुझे मालूम नहीं.....
क्यों डूबी हैं, ये आँखे तेरे दीदार के इंतज़ार में
मुझे मालूम नहीं.....
मेरे जीते तो तू न आया, आएगा तेरा पैगाम मेरी मौत में
मुझे मालूम नहीं.....
मुझे मालूम नहीं.....
क्यों आता है तेरा नाम, मेरी हर सांस में
मुझे मालूम नहीं.....
क्यों इतना बेबस हूँ तेरे बिना तन्हाई में
... ... मुझे मालूम नहीं.....
क्यों आता है तूफ़ान सागर की लहरों में
मुझे मालूम नहीं.....
क्यों डूबी हैं, ये आँखे तेरे दीदार के इंतज़ार में
मुझे मालूम नहीं.....
मेरे जीते तो तू न आया, आएगा तेरा पैगाम मेरी मौत में
मुझे मालूम नहीं.....
Nice One..
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